Home Motivation सफलता के अचूक  मंत्र, आप भी जानें

सफलता के अचूक  मंत्र, आप भी जानें

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( सफलता के अचूक मंत्र ) ——–
सफलता सोच विचार कल्पना या सपने से नहीं प्राप्त होता । बल्कि यह अथक  कड़ी मेहनत से प्राप्त किया जाता है ।आज के आधुनिक युग में सभी सफल होना चाहते हैं, किंतु परिश्रम कोई नहीं करना चाहता। किंतु सभी को यह जान लेना चाहिए कि आज के इस भाग दौड़ भरी दुनिया में यदि सफलता प्राप्त करनी है तो अथक परिश्रम करना ही होगा । यदि आप परिश्रम नहीं कर सकते तो भूल जाइए सफलता को । क्योंकि कर्म के बिना सफलता दूर की कौड़ी है और आपका असफल होना निश्चित है।  इसलिए अगर आप सफल होना चाहते हैं तो किसी भी कार्य क्षेत्र में कदम बढ़ाने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि हर परिस्थिति में कठिन परिश्रम करना ही है । कठिन परिश्रम ही सफलता का मूलमंत्र है।यू कहे तो परिश्रम के गर्भ में ही सफलता पलती है तथा परिश्रम के माध्यम से ही जन्म लेती है । सो कमर कस कर तैयार हो जाएं कड़ी मेहनत के लिए जल्द ही सफलता आपके कदमों में होगी।
सफलता के अचूक मंत्र ——–
 आशातीत कामयाबी के लिए कार्य क्षेत्र का चुनाव करते समय भी बहुत सजग रहने की आवश्यकता होती है । आप कभी भी उस कार्य क्षेत्र को ना चुने जिसकी मार्केट में विस्तार व मांग अधिक हो, बल्कि ज्यादा ध्यान रखें कि आपका  मन किस काम में ज्यादा लगता है । पहले आप विचार मंथन करे कि आप किस काम को निपुणता, तन्मयता व श्रेष्ठ तरीके से कर सकते हैं । कई लोग अपने कार्य को चुनते समय अपने अंतरात्मा में नहीं झांकते कि वह क्या कर सकते हैं, बल्कि वह मार्केट वैल्यू को देखकर चुनाव करते हैं।  जिस कारण उन्हें नाकामयाबी हाथ लगती है और हार कर बैठ जाते हैं।  इसलिए आप कोई भी कार्य को करते समय अंदर की सुने ना की बाहर कि।
सफलता के अचूक मंत्र ——–
निरंतरता
( सफलता के अचूक मंत्र ) बूंद बूंद से घड़ा भरता है । यानी घडे में बूंद गिरने की निरंतरता से घड़ा भर ही जाता है।  आप अपने कार्य को करते समय निरंतरता को अनवरत बनाए रखें। व  तब तक बनाए रखें जब तक कि सफलता ना मिल जाए। निरंतरता सीढ़ी पर बढ़ते हुए उस कदम का नाम है जो 1 दिन शिखर पर पहुंचा ही देती है । आप सफलता प्राप्त होने के पश्चात भी  निरंतरता बनाए रख सकते हैं । इससे आप ऊंचाइयों के नए नए आयाम स्थापित करते जाएंगे ।
आलोचकों पर ध्यान ना दें
 आप जब भी कुछ नया करते हैं तो आपके इर्द-गिर्द एक ऐसा समूह होता है जो आलोचनाओं में लग जाता है। हालांकि यह आलोचक कम किंतु निंदक अधिक होते हैं । आप इनसे परहेज ना करें, क्योंकि अंततः यही लोग आप को मंजिल तक पहुंचाएंगे ।( सफलता के अचूक मंत्र ) आलोचकों को सुने पर मात्र उतना ही सुने जितना से आप में लक्ष्य पूरा करके दिखाने का जज्बा जाग जाए और बरकरार भी रहे ।किंतु आलोचकों पर उतना कभी ध्यान ना दें जितना से  आप विचलित होकर लक्ष्य से भटक जाए । यह आलोचक जैसे आपको लक्ष्य के समीप ले जा सकते हैं वैसे ही लक्ष्य से दूर ही रख सकते हैं।  यह आप पर निर्भर करता है कि आप आलोचना को कैसे लेते हैं ।यदि हो सके तो आलोचकों और निंदकों पर ध्यान ना दें । अगर आप दृढ़ संकल्पी व दृढ़ निश्चयी हैं तो ।क्योंकि आपका दृढ़ संकल्प ही आपको लक्ष्य तक पहुंचा देगा फिर अन्य किसी तत्व की आवश्यकता ही नहीं पड़ती ।
परिवार के विरोध
 शुरुआती समय में सफलता ना मिलने पर परिवार में विरोध हो सकता है । ( सफलता के अचूक मंत्र )ध्यान रहे परिवार जो भी करेगा आपके भले के लिए करेगा ,इसलिए परिवार के विरोध को सकारात्मक ले और स्वयं भी सकारात्मक बने रहे तथा हार ना मानकर अपने कार्य में निरंतर लगे रहे ।आपके सफल होते ही परिवार का एक  एक सदस्य आपके साथ खड़ा मिलेगा।
बुरे लोगों के जद में  ना आए ( सफलता के अचूक मंत्र )
बुरे लोग आपके कार्य में बाधक हो सकते हैं। ऐसे लोगों से सतर्क ही रहे तो बेहतर होगा। ऐसे लोग आपके नजदीकी मित्र संबंधी भी हो सकते हैं। नजर पैनी रखें नहीं तो लेने के देने पड़ेंगे । बना बनाया काम बिगड़ जाएगा और जिंदगी भर के पछतावा के अलावा कुछ नहीं बचेगबचेगा
महान लोगों के बारे में जाने
( सफलता के अचूक मंत्र )बड़े-बड़े महान लोगों को जाने उनके बारे में पढ़े और जितना हो सके ज्ञान अर्जित करें । इस तरह की जानकारियां पुस्तकों का अध्ययन या फिर इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है । श्रेष्ठ लोगों के जीवन के अध्यापन से मार्ग के कठिनाइयों को पहचानने व उससे निपटने में मदद मिलती है। अपने इतिहास अपने बुजुर्गों के तजुर्बों को जानना ही आधी समस्याओं का समाधान है।( सफलता के अचूक मंत्र )

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