What thoughts come to a man’s mind before death

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What thoughts come to a man's mind before death

जानिए मृत्यु से पहले मनुष्य के दिमाग में कौन-कौन से विचार आते हैं What thoughts come to a man’s mind before death
 प्रत्येक मनुष्य के मन में गाहे-बगाहे मृत्यु को लेकर विचार आते ही रहते हैं ।इंसान मृत्यु को लेकर तरह-तरह की कल्पनाएं करता है तथा तरह-तरह  की अनुभूति से होकर गुजरता है। वैसे इंसानी दिमाग कभी भी सोता नहीं है तथा प्रत्येक समय सहज सक्रिय रहता है । हमारे दिमाग में विचार तब भी आते रहते हैं जब हम सो रहे होते हैं। इसलिए सपने में घटित हुई घटनाएं सुबह उठने के बाद भी हमें याद रह जाती है ,क्योंकि दिमाग सभी घटनाओं का अनुभव मेमोरी में सुरक्षित कर लेता है और मनुष्य को याद दिलाता रहता है।

What thoughts come to a man’s mind before death

 एक अनुमान के हिसाब से हमारा दिमाग प्रतिदिन 60000 बार विचारों को जन्म देता है। कई मर्तबा मनुष्य अपने मृत्यु से संबंधित विचारों में प्रवेश करके तरह तरह की जानकारियां प्राप्त करने की कोशिश करता है ,पर मृत्यु से संबंधित जानकारियों को जान पाना आज भी उतना ही जटिल है जितना कि पहले था । फिर भी इस पर समय-समय पर किए गए अनुसंधानों से इस  विषय पर अलग-अलग तथ्य आते रहते हैं ।कई बार मनुष्य अपने पुनर्जन्म के बारे में और मरने के बाद क्या होता है व आत्मा कहां जाती है जैसे जटिल विषयों पर सोचता है तथा जानने का प्रयास करता है। कई वैज्ञानिकों के शोध के बाद भी इस बात का पता अब तक नहीं लग पाया है कि आखिर मृत्यु के पश्चात मनुष्य का क्या होता है और आत्मा कहां जाती है ।आज हम  इस बारे में बताएंगे कि मनुष्य अपने आखिरी के पलो में क्या-क्या सोचता है ?
जानिए मृत्यु से पहले मनुष्य के दिमाग में कौन-कौन से विचार आते हैं What thoughts come to a man’s mind before death
(1) चिंता करना  
 मनुष्य मरने के समय चिंताओं की पकड़ से आजाद नहीं हो पाता । वह तरह तरह की बातों को उस समय भी सोच रहा होता है जब वह अपनी आखिरी सांसे गिन रहा होता है । वह सोच सोचकर चिंतित होता है कि उसका यह कार्य नहीं हो पाया, वह कार्य अधूरा ही रह गया ।उसे अपने बहुत से काम पूरे ना होने का खेद रहता है। वह उस समय अपने उन सभी बातों को एक- एक बार याद कर लेता है जिसका उसने वादा किया था परंतु किसी कारणवश उसे पूरा नहीं कर पाया।
(2) भावनाएं
 आख़िरी समय में मनुष्य  उसके लिए अपनी भावनाओं को व्यक्त करता है जिससे उसके मन में कुछ भी बचा ना रहे । कई बार तो उसे इस बात का खेद होता है कि वह अपने परिवार वालों ,रिश्तेदारों को, दोस्तों को अपनी भावनाओं से परिचित नहीं करा पाया ।जिस कारण उन्होंने उसे गलत समझ लिया ।
(3) माफी
 वह जिंदगी के किसी न किसी मोड़ पर जिन लोगों को धोखा दिया होता है उन लोगों से मरते समय माफी मांगना चाहता है ।ऐसा करके वह अपने बोझ को हल्का करने का प्रयास करता है ।इस बीच वह अपने जीवन के कई गलत खामियों को भी दूर करने का प्रयास करता है।
 (4) इच्छा 
 कहा जाता है कि इंसान की इच्छाओं का कभी अंत नहीं होता है । मरते समय भी मनुष्य इच्छाओं के गिरफ्त से स्वतंत्र नहीं हो पाता तथा इस समय अपने उन अधूरी इच्छाओं को याद करता है जो किसी कारणवश पूर्ण नहीं हो सका होता है ।उस समय सोच रहा होता है कि काश उसे थोड़ा और समय मिल जाता ताकि वह फिर से अपने समय का सदुपयोग करके अपने सारी इच्छाओं को पूरा कर सके।
 (5) बीती बातें याद करता है 
 ऐसा वैज्ञानिकों का मानना है कि मरने से पहले मनुष्य अपने जीवन में बिताए गए अच्छे बुरे पलों को याद करता है। ऐसे समय में वह शांत रहता है तथा उसके दिल  के आकार में वृद्धि हो जाती है। इस पल  वह उन सभी गुप्त बातों पर से पर्दा उठा देता है जो उसने आज तक अपने सीने में दबाए रखता है।
 (6) तीर्थस्थान
 बहुत से लोग मरते वक्त अपने आखिरी पलों में सोचते हैं कि काश वे अपने जीवन में बचे हुए कुछ पलों में किसी तीर्थ स्थल पर जाकर भगवान के दर्शन कर पाते । अपने भागदौड़ भरी जीवन में वह सोचता है कि ईश्वर दर्शन के लिए समय ही नहीं निकल पाया । उसे इसके लिए खेद रहता है ।
(7) परिवार का साथ 
 मृत्यु से पहले मनुष्य अपने सगे-संबंधियों दोस्तों और परिचितों से आखिरी मुलाकात कर लेना चाहता है।
(8) खुशी
मरते समय इंसान सोचता है कि काश वह अपने जीवन को हंसी खुशी से जी लिया होता तो कितना अच्छा हुआ होता। अपने लिए समय निकाल पाया होता।