Home health and beauty tips करें यह छोटा सा काम, आंखें (eye) कभी भी नहीं होगी अस्वस्थ 

करें यह छोटा सा काम, आंखें (eye) कभी भी नहीं होगी अस्वस्थ 

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 अपनी आंखों(eye) का सही तरह से देखभाल करते रहना बहुत ही आवश्यक होता है । यदि हम अपनी आंखों का समय समय पर सही तरीके को अपनाकर उसका देखभाल ना करें तो आंखों (eye)में विकार उत्पन्न होने की संभावना हो सकती है । बदलती जीवनशैली में कंप्यूटर, आईपैड, मोबाइल , स्मार्टफोन की बढ़ती हुई मांग से आंखों को खतरा पहुंच रहा है । कई लोगों को तो इन सब चीजों के प्रयोग से आंखों पर चश्मा चढ़ जाता है। ऐसी अवस्था में अपनी आंखों(eye)
को बीमारियों से बचाने के लिए यह आवश्यक हो जाता है कि हम आंखों(eye) का सही प्रकार से देखभाल करें ।
 आंखों (eye)
को किस तरह बचाएं ——
 अनवरत प्रतिदिन 2 से 3 घंटे तक कंप्यूटर पर कार्य किया जाए तो कार्यरत व्यक्ति में कंप्यूटर विजन सिंड्रोम के लक्षण पाए जा सकते हैं । ऐसे में  कुछ सावधानियों को अपनाकर कंप्यूटर विजन सिंड्रोम से स्वयं को बचाया जा सकता है।
  आंखों (eye)को सही तरह से बचाए रखने व उचित तरह से सुरक्षा देने  के लिए कंप्यूटर मोबाइल आईपैड वन स्मार्टफोन से सही दूरी रखने के साथ-साथ जीवनशैली में भी बदलाव लाना आवश्यक होता है । तभी सीबीएस के लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है ।
 जिस कमरे में कंप्यूटर रखा जाता है वहां पर उचित प्रकाश की व्यवस्था किया जाना चाहिए और प्रकाश व्यक्ति के पीछे से होना चाहिए सामने से नहीं।
  जब भी कंप्यूटर पर कार्य करने बैठे तो प्रत्येक 20 मिनट के अंतराल में 20 सेकंड के लिए कंप्यूटर से नजरों को हटा ले और 20 फीट की दूरी पर किसी स्थिर पॉइंट पर फोकस करें।
  आंखों(eye) का मूवमेंट आंखों को बेहतर बनाने में लाभप्रद है । घर पर या ऑफिस में मॉनिटर को कुछ इस तरह से व्यवस्थित करें कि आंखें मॉनीटर के टॉप लेवल पर हो।
  कंप्यूटर डिवाइस कंट्रास या ब्राइटनेस  लेवल को सही से सेट करें । या  एंटी ग्लेयर और  कंप्यूटर ग्लास  को फिट करवाएं ।
 बेहतर लेंस का का प्रयोग करें या एंटी ग्लेयर  चश्मा पहने तथा एंटी ग्लेयर  स्क्रीन का भी प्रयोग करें ।
 कंप्यूटर पर कार्य करने के लिए जब कभी भी स्क्रीन के सामने घंटों तक बैठे तो ड्राई आई से बचने के लिए अपने पलकों को धीरे-धीरे झपकाए, इसके साथ साथ कंप्यूटर विजन सिंड्रोम से बचने के  लिए स्माल ब्रेक और हेल्दी लाइफस्टाइल भी आवश्यक हो जाती है ।
 कंप्यूटर विजुअल आंखों के लिए चैलेंज साबित हो सकता है। किंतु जब परहेज के साथ-साथ इस्तेमाल किया जाए तो परमानेंट डैमेज कभी नहीं होने देगा । आपको जब भी आंखों में समस्या का आभास हो तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श लीजिए ।
 कंप्यूटर पर ज्यादा कार्य करने वाले लोगों को साल में एक बार जरूर अपनी आंखों की जांच करा लेनी चाहिए ।
 इसके अलावा रोजाना रात को नींद लेने से पहले अपनी आंखों (eye)का ठंडे पानी से धोना चाहिए।
आंखों में समस्या होने के यह होते हैं लक्षण ——
 आंख व सिर में भारीपन का होना
धुंधला दिखाई देना
आंख का लाल होना
 आंख में जलन होना
आंख  से पानी निकलना
आंख का ड्राई आई
रंगों का साफ सुथरा ना दिखना
 आंख में खुजली होना इत्यादि
 दोस्तों यदि आप कंप्यूटर पर कार्य करते समय इन सब बातों का ध्यान रखते हैं तो आप स्वयं को काफी हद तक कंप्यूटर विजन सिंड्रोम की समस्या से बचाए रख सकते हैं।

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