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अगर लगाते समय इन बातों का रखेंगे विशेष ध्यान तो बाद में कभी नहीं सूखेगा तुलसी का पौधा

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तुलसी का पौधा
 हमारे देश में तुलसी का पौधा प्रत्येक घर के आंगन में आसानी से देखने को मिल जाता है। दरअसल तुलसी एक ऐसा पौधा है जो हमारे संस्कृति और धर्म दोनों से ही महत्वपूर्ण संबंध रखता है। कार्तिक के महीने में तुलसी पूजन का अपना अलग ही महत्व है। यदि आपके घर के आंगन में तुलसी का पौधा नहीं है, अथवा है मगर स्वस्थ नहीं है या खराब हो गया है तो इस महीने में तुलसी का पौधा लगा सकते हैं। कार्तिक के महीने मैं इस पौधे को लगाना शुभ माना जाता है। भगवान श्री हरि तुलसी के हृदय में शालिग्राम रूप में निवास करते हैं। यही वजह है कि तुलसी बड़ी फलदाई होती है। हालांकि तुलसी का पूजन करना हर माह में फलदाई होता है। परंतु कार्तिक के महीने में यदि तुलसी पूजन किया जाए तो इसका कई गुना फल मिलता है। मान्यता के अनुसार तुलसी सभी देवी देवताओं का प्रिय है तथा इसके साथ ही तुलसी पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है। वही घर में यदि तुलसी का पौधा है तो यह सिर्फ धार्मिक रूप से ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि इसके स्वास्थ्य से संबंधित कई लाभ भी होते हैं।
 धार्मिक दृष्टि से तुलसी का पौधा आंगन में लगाना बेहद शुभ माना जाता है। इसीलिए आपने आसपास के घरों में देखा होगा कि तुलसी का पौधा आंगन में लगा रहता है। तो यदि आपके घर का पौधा सूख गया है तो इस नियम के अनुसार ही तुलसी विवाह के दिन नया पौधा लगाएं। इससे वह कभी नहीं सूखेगा। तुलसी का पौधा लगाएं तो इस बात का ध्यान रखें कि मौसम ना ही अधिक ठंड हो और ना ही अधिक गर्मी की हो। यही कारण है कि तुलसी लगाने के लिए नवंबर का महीना सबसे बेहतर माना जाता है। यदि किसी से तुलसी का पौधा लेकर आए तो एकदम नया होना चाहिए, क्योंकि पुराने पौधों की जड़ें विकसित कर जाती हैं। इसके अलावा तुलसी के पौधों को लगाने के लिए हमेशा मिट्टी के गमले का ही प्रयोग करें। वही तुलसी के पौधे को लगाने के लिए काली मिट्टी सबसे बेहतर मानी जाती है, परंतु यदि काली मिट्टी उपलब्ध ना हो तो सामान्य मिट्टी का प्रयोग किया जा सकता है। परंतु यह ध्यान रहे कि पीली मिट्टी का प्रयोग ना करें।
  तुलसी के पौधे को लगाते समय तथा गमले में पौधे के गिरने की संभावना कम हो जाती है। उसके बाद बीच में मिट्टी में एक गहरा छेद बनाकर उसमें पौधे को लगा दीजिए। तत्पश्चात पौधे को प्रतिदिन पानी देते रहें तथा 3 महीने तक छांव में रखें। उसके बाद आप तुलसी के पौधे को वहां रखें जहां धूप आती हो।

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