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ऐसी जमीन पर ऑफिस या दुकान हो तो होती है धन की बारिश, जानिए कैसे परखते हैं

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जमीन
बहुत से लोग दिन रात एक कर के मेहनत करते हैं परंतु इसके पश्चात भी बिजनेस ठीक से नहीं चल पाता तथा हमेशा पैसों की तंगी बनी रहती है। यदि आपके साथ भी ऐसा होता है तो यह लेख आप ही के लिए है। यदि आप भी परिश्रम करके थक चुके हैं तथा आपको अपने बिजनेस में कामयाबी नहीं मिल पा रही है तो इसकी वजह आपकी जमीन भी हो सकती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार जिस जमीन पर आपकी व्यवसायिक प्रतिष्ठान है तथा उस जमीन का वास्तु दोष पूर्ण है तो आपको अपनी मेहनत तथा योग्यता के अनुसार लाभ नहीं मिल पाता है। इसलिए अपने व्यवसाय को जिस जमीन पर स्थापित करने जा रहे हैं उसकी पहले अच्छी तरह से जांच कर लेनी चाहिए।
 वास्तु शास्त्र के अनुसार जांच परख के बाद ही व्यवसाय शुरू करें तो बेहतर होगा।
(1)   व्यवसायिक प्रतिष्ठान को शुरू करने के लिए आयताकार या वर्गाकार स्थान  शुभ होता है। जिस स्थान का उत्तर पूर्वी भाग बढ़ा हुआ होता है या जो स्थान  आगे से चौड़ी और पीछे से संकरी होती है ऐसी जमीन व्यवसायिक प्रतिष्ठान अथवा फैक्ट्री के लिए लाभप्रद होती है । इसके अलावा अन्य आकार वाली जमीनें व्यवसाय शुरू करने के लिए हानिकारक होती है।
 (2)  वास्तु शास्त्र के मुताबिक हमेशा ऐसे  स्थान पर ही व्यवसाय या फैक्ट्री लगानी चाहिए जहां की जमीन में पर्याप्त नमी हो। इसके अलावा बंजर शुष्क व कटी फटी जमीन फैक्ट्री लगाने के लिए अच्छी नहीं होती है। ऐसी जमीन में फैक्टरी लगाने से बार-बार परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा व्यवसाय सही से फलता-फूलता नहीं है। आप जिस भी स्थान पर फैक्टरी ऑफिस दुकान अथवा अन्य व्यवसाय स्थापित करने जा रहे हैं उसका आकार भी काफी हद तक मायने रखता है ।
( 3 )  व्यवसाय शुरू करने व व्यवसायिक लाभ की दृष्टि से  पूर्वोत्तर दिशा की ओर मुख्य दरवाजा को रखना उत्तम व शुभ माना गया है। यदि आपको पूर्वोत्तर दिशा में मुख्य दरवाजे को रखने में किसी प्रकार की परेशानी आ रही है तो ईशान कोण में मुख्य दरवाजे का निर्माण करवा लीजिए। ऐसा करने से कर्मचारियों के साथ मधुर व अच्छे संबंध बने रहते हैं तथा उनका पूरा पूरा सहयोग आपको मिलता है।
 ( 4 ) वास्तु शास्त्र के मुताबिक आग्नेय मुखी द्वार व्यवसाय के लिए शुभ नहीं होता है। ऐसे द्वार के कारण बार-बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और कर्मचारियों के साथ हमेशा मनमुटाव की परिस्थिति बनी रहती है।

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