न्यूज़ पोर्टल का सच क्या है और किस हद तक वेब मीडिया का चुनाव करना सही है

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न्यूज़ पोर्टल का सच क्या है और किस हद तक वेब मीडिया का चुनाव करना सही है

न्यूज़ पोर्टल
  अब जमाना प्रिंट मीडिया का नहीं रहा बल्कि यह  जमाना पूर्ण रूप से वेब मीडिया न्यूज़ पोर्टल का है। ऐसा इसलिए संभव हो सका है क्योंकि इंटरनेट और स्मार्टफोन आजकल सब के लिए सुलभ हो गया है। बढ़ते स्मार्ट फोन और इंटरनेट का चलन वेब मीडिया के लिए एक सुनहरा मौका लेकर आया है। यही कारण है कि वेब मीडिया का प्रचलन बहुत ही तेजी से बढ़ा है।
  वेब मीडिया के इस क्रांति में न्यूज़ पोर्टलों  की संख्या में भी बहुत अधिक मात्रा में वृद्धि हुई है। लोग जितने ही इंटरनेट पर सर्च करके जानकारियां और खबर पढ़ रहे हैं उतना ही News पोर्टल्स की संख्या में वृद्धि हो रही है। अब तो सरकार ने भी विश्वसनीय न्यूज़ पोर्टल्स को विज्ञापन देने का फैसला करने के बारे में सोच रखा है। ऐसे में न्यूज़ पोर्टल्स की संख्या में और भी वृद्धि होगी इसमें कोई दो राय नहीं है। खैर न्यूज़ पोर्टल्स में वृद्धि कोई गलत बात नहीं है पर यह दौर कुछ इस तरह का है कि कुछ ज्यादा ही न्यूज़ पोर्टल्स की संख्या में वृद्धि हो रही है।

न्यूज़ पोर्टल का सच क्या है और किस हद तक वेब मीडिया का चुनाव करना सही है

  जो भी पत्रकार है अथवा पत्रकारिता से संबंध रखता है या फिर थोड़ा लिखना पढ़ना जानता है वह किसी न्यूज़ पोर्टल पर काम नहीं करना चाहता, बल्कि वह खुद का न्यूज़ पोर्टल खोलकर बैठ जाता है। वही देश में लेखकों और कवियों की तादाद बहुत ज्यादा है और वे लोग भी अपने साहित्य, रचना तथा अपने लेखों को जनता तक पहुंचाने के लिए स्वयं का ब्लॉग  चला रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जितने लोग लिखने पढ़ने वाले होंगे अगर उतनी ही वेबसाइट भी होगी तो पाठक कहां से लाया जाएगा। खैर यह सोचने-विचारने की बात है पर यह कोई बड़ी समस्या नहीं है।
न्यूज़ पोर्टल
  यह देखा जा रहा है कि विज्ञापन से कमाई देखकर नए-नए लोग न्यूज़ पोर्टल शुरू करने की ओर ध्यान अधिक दे रहे हैं। अच्छी बात है अगर कोई न्यूज़ पोर्टल या वेबसाइट खोलता है तो उससे राष्ट्रभाषा को गौरव मिलेगा तथा हिंदी का विकास और भी अधिक होगा। परंतु न्यूज़ पोर्टल खोलना बड़ी बात नहीं है उसे चला पाना बड़ी बात है। 10 – 20 – 30 हजार लगाकर कोई भी न्यूज़ पोर्टल शुरू कर सकता है पर उसे चलाने के लिए कंटेंट की जरूरत होती है। उसके लिए टीम की जरूरत होती है ताकि निरंतर न्यूज़ पोर्टल को अपडेट किया जाता रहे।
ऐसे में अगर कोई ऐसा सोचता है कि वह अकेले के दम पर न्यूज़ पोर्टल चला लेगा तो यह उसकी गलतफहमी है। आने वाले समय में वेब मीडिया में कंपटीशन भी देखने को मिलेगा ऐसे में देखना यह है कि जो नए-नए  पत्रकार लोग वेब पोर्टल शुरू कर रहे कंपटीशन की दौड़ में कितना दूर तक आगे जाते हैं। कहीं ऐसा ना हो कि जोश में आकर न्यूज़ पोर्टल तो शुरु कर लिया पर उसे चलाने में असमर्थ हो गए। जरा सोच कर देखिए कि अगर आप न्यूज़ पोर्टल खोल रहे हैं और चला पाने में असमर्थ हो जाते हैं तो कितना नुकसान होगा। होस्टिंग, डोमेन नेम और डिजाइन के पैसे नुकसान तो होंगे ही 4  से 6 महीने कंटेंट लिखने में जो समय लगेगा वह भी बर्बाद होगा।
न्यूज़ पोर्टल का सच क्या है और किस हद तक वेब मीडिया का चुनाव करना सही है
 अपना न्यूज़ पोर्टल शुरू करने से पहले अगर आप किसी न्यूज़ पोर्टल पर सेवा देते हैं, वहां से सीखते हैं और पैसा भी खूब कमाते हैं तो बढ़िया है। उसके बाद जब आप दक्षता हासिल कर लेंगे तथा आपके पास अच्छी पूंजी होगी तब इसकी शुरुआत करेंगे तो बेहतर होगा और सफलता भी मिलने का चांस अधिक रहेगा। क्योंकि जब आपके पास पूजी होगा तब आप की टीम होगी जो लगातार आपकी न्यूज पोर्टल पर काम करेगी। इसलिए आप सफलता आसानी से पा लेंगे।

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