संसार का यह अकेला खतरनाक मंदिर जहां डर भय से नहीं जाते हैं लोग, निवास करते हैं साक्षात मृत्यु के देवता यमराज 

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यमराज

 संसार का यह अकेला खतरनाक मंदिर जहां डर भय से नहीं जाते हैं लोग, निवास करते हैं साक्षात मृत्यु के देवता यमराज 
भारत देश में बहुत से मंदिर है। अगर आकलन किया जाए तो लाखों की संख्या में मंदिरों की उपस्थिति है। यह कहे कि भारत मंदिरों का देश है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। ऐसे बहुत मंदिर है जो अद्भुत हैं और दुनिया भर में जिनकी पहचान है। कोने-कोने से लोग इन मंदिरों में पूजा अर्चना करने आते हैं और भगवान से दुआएं मांग कर स्वयं को तृप्त अनुभव करते हैं। फिर भी भारत के कोने-कोने में स्थिति इन मंदिरों की अपनी-अपनी विशेषताएं हैं। परंतु आपको जानकर हैरानी होगी कि एक मंदिर ऐसा भी है जहां लोग जाने से भय खाते हैं।
 मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है, ईश्वर की पूजा होती है और मनोकामनाएं पूर्ण होती है। किंतु इस मंदिर में तो लोग पैर रखने से भी भय खाते हैं। तो आइए हम बता रहे हैं हिमाचल के चंबा में स्थित इस मंदिर के बारे में जिसके बारे में शायद आप नहीं जानते होंगे।
यह मंदिर मृत्यु के देवता यमराज का है और देखने में बिल्कुल ही घर की तरह दिखाई देता है। परंतु इस के भीतर जाने में लोग भय खाते हैं तथा इस मंदिर के बाहर से ही प्रणाम करके चले जाते हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर में यमराज का निवास है और यह संसार का अकेला मंदिर है जहां धर्मराज रहते हैं।
दिल्ली से 500 किलोमीटर दूर हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में भरमौर नामक स्थान पर स्थित है यह  मंदिर ।मंदिर के भीतर एक खाली कमरा भी है जिसे चित्रगुप्त का कमरा भी माना जाता है। पूरे भारतवर्ष में इस मंदिर की भी अपनी एक अलग पहचान है। अब चाहे भले ही यहां भीतर घुसने में भय लगता हो या यहाँ बाहर से ही प्रणाम करके लोग चले जाते हो।
 मान्यता यह है कि जब भी किसी  व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तब उस व्यक्ति की आत्मा को यमराज के दूत पकड़कर यहीं पर लाते हैं तथा यहीं पर चित्रगुप्त उस आत्मा को उसके कर्मों के अनुसार फैसला सुनाते हैं और उसे दंडित किया जाता है। बस यही कारण है कि लोग यहां आने से भय खाते हैं और दूर से ही प्रणाम करके चले जाते हैं। यहां का पुजारी ही पूजा अर्चना करते हैं। तो इतना पढ़ लेने के बाद आप सब को पता चल ही गया होगा कि क्यों लोग इस मंदिर में आने से कतराते हैं।