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इन सभी लक्षणों से पता चलता है कि आपके अंदर आत्म सम्मान की कमी है 

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 आत्म सम्मान
आत्म सम्मान का मतलब कि अपने आप का सम्मान करना। आत्मसम्मान अपने आप के साथ व्यवहार करने का एक तरीका है। वैसे तो आत्मसम्मान हर आदमी करता है पर कभी कभी कुछ परिस्थितियां ऐसी भी उत्पन्न हो जाती है जब आदमी आत्मसम्मान को भूल ही जाता है लगभग। आत्मसम्मान से पता चलता है कि आप स्वयं से किस हद तक प्रेम करते हैं और खुद का कितना सम्मान करते हैं? आत्मसम्मान प्रत्येक आदमी के लिए बेहद ही आवश्यक होता है।
जिन लोगों के पास आत्म सम्मान होता है वही लोग हर जगह सम्मानित होते हैं। आत्म सम्मान के वजह से आप स्वयं को सम्मानित तो करते ही हैं पर साथ-साथ दूसरे लोग भी आप को सम्मानित करते हैं। परंतु जब आत्म सम्मान में कमी जैसी परिस्थिति बनती है तो लोग भी अक्सर आप को नजरअंदाज करना शुरू कर देते हैं। तो चलिए आज जानते हैं कि वह कौन-कौन से लक्षण हैं जिससे पता चलता है कि आप के अंदर आत्मसम्मान की कमी है।
 (1)  सामाजिक नहीं होना
जिन लोगों में आत्मसम्मान की कमी होती है वे लोग सोशल नहीं होते हैं तथा वे अपने दायरे को सीमित रखते हैं। वह अपने दायरे से बाहर जाकर लोगों से मिलना जुलना पसंद नहीं करते क्योंकि उन्हें भय होता है कि लोग उनके बारे में क्या कहेंगे? ऐसे में इस असमंजस को अपने से दूर ही रखना चाहिए तथा अपने आत्म सम्मान को बढ़ाने के लिए समाज में अपने दायरे को बढ़ाना चाहिए तथा नए नए लोगों से मिलते जुलते रहना चाहिए।
 (2)  अपने पसंद को नजरअंदाज करना
आत्म सम्मान की कमी वाले लोग अपने पसंद को नजरअंदाज भी करते हैं। वह अपने पसंद को महत्व ना देकर दूसरों के पसंद को महत्व देने लगते हैं। जैसे कि वह दूसरों के फैशन ट्रेंड्स को फॉलो करते हैं तथा दूसरों की तरह दिखना चाहते हैं। पर यह आत्म सम्मान के लिए ठीक नहीं होता।
 (3)  बात-बात पर माफी मांगते रहना
जब गलती हो जाए तो माफी मांगना अच्छी बात है परंतु गलती ना होने पर भी माफी मांगना गलत आदत होता है। क्योंकि आपके बार-बार ऐसा करने से लोग आप को कमजोर समझना शुरू कर देते हैं ऐसे में यह प्रवृत्ति आत्म सम्मान के कम होने की निशानी है। क्योंकि लोग आप को कमजोर समझ के सम्मान नहीं देते।
 ( 4 ) अपने आप को बदलने की कोशिश करना
यह भी आपके अंदर आत्म सम्मान के कमी का ही एक लक्षण है जब आप लोगों के इच्छा अनुसार स्वयं को बदलने का प्रयास करने लगते हैं। क्योंकि एक आदमी सबको खुश नहीं रख सकता अतः आप को यह ध्यान देना चाहिए कि आप जीवन में हर किसी को खुश नहीं रख सकते। अतः आप जैसे हो वैसे ही रहो हर किसी के लिए अपने आप को बदलने का प्रयास ना करो। इससे आत्म सम्मान में कमी आती है ।
(5) हर काम के लिए किस्मत को कोसते रहना
 आपके सफलता-असफलता में आपके किस्मत के साथ-साथ आपके मेहनत और आपके प्रयासों का भी हाथ होता है। परंतु जिन लोगों में आत्म सम्मान की कमी होती है वे लोग अपने जीवन के हर परिस्थिति का दोष किस्मत को ही मानते लगते हैं। ऐसे में किस्मत को दोष ना देकर अपने मेहनत और प्रयासों में सुधार लाना चाहिए तभी आप जीवन में ठीक प्रकार से आगे बढ़ सकते हैं।

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