युवा कहते हैं कि राजनीति गंदी चीज है परंतु राजनीति तो वह पवित्र चीज है जिसे सच्चे दिल से अपना कर किया जाए तो देश में राम राज आ जाए,युवाओं को इससे दूर भागने की जरूरत नहीं है 

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 राजनीति
 राजनीति गंदी चीज है, राजनीति में भ्रष्टाचार है, राजनीति में सब चोर हैं, राजनीति में गुंडों का जमावड़ा है, राजनीति में बलात्कारी भी शामिल है, राजनीति ने देश को बर्बाद कर दिया है, राजनीति ना होती तो देश आज बहुत आगे होता, राजनीति हमें  द्वेष सिखाती है, राजनीति दंगे कराती है, राजनीति जनता में फूट डालती है, राजनीति जातियों और धर्मों के भेद भाव में बांट देती है, जाने ऐसे ही कितने ही प्रकार के प्रश्नों को देखते-देखते हमारे देश के युवाओं की जिंदगी का हर दिन निकल जाती है।
परिणाम में कुछ होता नहीं है। हमारे देश का युवा कचरे के ढेर के पास खड़ा हुआ प्राणी है जिसे यह तो पता है कि उसके पास गंदगी है पर वह उसे साफ नहीं करना चाहता। अपितु वह उस जगह से स्वयं को निकाल लेना चाहता है। खैर जैसे तैसे वह इस कचरे के ढेर से तो  निकल ही जाएगा किंतु उस कचरे के ढेर से कैसे निकलेगा जो उसके साथ उसके परछाई की तरह घूमती रहती है। युवाओं को तो बस एक ही धुन है राजनीति गंदी चीज है।
 यदि हम को पता है कि हमारे देह में फोड़ा है और वह पक गया है पर हम उसका इलाज नहीं करा सकते तो यह मूर्खता हमारी है। वैसे भी हम उसका इलाज कराए बिना अपना गला नहीं बचा सकते। कुछ इसी तरह का हाल है हमारे देश के युवाओं का। बुराइयों को दूर करने के बजाय यह तमाम बुराइयों से बचकर निकलना चाहते हैं। जबकि खासकर उन्हीं की जिम्मेदारी है कि वह इस बुराई को दूर करें। राजनीति गंदी चीज है यह कहकर पल्लला झाड़ लेेेेने से काम न चलेगा।
 अजीब सी तुच्छ दशा है हमारे देश के युवाओं की।  मैं जब भी सोशल मीडिया खोल कर बैठता हूं दिमाग  पकने लगता है। क्योंकि जब भी किसी विषय पर बात रखने की जरूरत होती है तो देश के उन्मादी युवा अपनी बात तो रखते हैं पर बड़े ही तल्ख लहजे में गालियों के साथ। खैर मैं जब भी इन युवाओं के बारे में सोचता हूं तो घृणा आती है इन पर। किंतु मैं कर भी क्या सकता हूं? सब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर बक चोदी करते फिरते हैं और भगवान ही मालिक है इनका।
 एक और तबका इन युवाओं का है जोकि बड़ा तबका है। वास्तव में यह खुद को महान समझने वाला वह तबका है जिसे समाज में क्या चल रहा है उससे कुछ लेना देना नहीं है। इनका तो बस एक ही डायलॉग है राजनीति गंदी चीज है इससे दूर रहो।
 यह राजनीति से सब को दूर रहने की सलाह देने वाले युवा ही वास्तव में सबसे खतरनाक है इस देश के लिए। कहा जाता है ना कि इस दुनिया को बुरे लोगों के बुराई से खतरा उतना नहीं है जितना कि अच्छे लोगों के मौन के कारण है। तो जनाब यह युवा हमारे देश के वही अच्छे युवा हैं जिनका विचार है कि यह बुराइयों से बचें रहे भले ही देश बुराइयों में बर्बाद हो जाए। इनको देश का परवाह नहीं इनको तो बस अपने सुखचैन से परवाह है।
 किंतु इन युवाओं से निवेदन है कि क्या यह देश कल को बर्बाद हो गया गंदी राजनीति के कारण तो आप बर्बाद होने से बच पाओगे? क्या राजनीति की बुराई का असर आपके जीवन पर कल नहीं पड़ेगा? मैं तो कहूंगा कि सियासी बुराई के जिम्मेदार हमारे हुक्मरान तो है ही क्योंकि इन बुराइयों का जन्म उनके  कर्मों की कोख से हुआ है, परंतु यदि यह बुराई आप की आंखों के सामने पनप रही है और आप चुप होकर देखे जा रहे हो तो आप भी इसके लिए कम जिम्मेदार नहीं हो।
 आपका घर लुटे तो आप चुप नहीं रहते तो देश लुटे तो क्यों चुप रहोगे ? क्यों नहीं आप राजनीति के भ्रष्टाचार को कम करोगे ? क्यों आप सियासत को गंदा बता कर उसे किनारा करोगे ?
 मैं पूर्णता सहमत हूं की सियासत गंदी हो गई है। परंतु सियासत गंदी चीज नहीं होती। सियासत तो वह पवित्र चीज है जिसे सच्चे दिल से अपना कर किया जाए तो देश में राम राज आ जाए। कोई गरीब ना रहे कोई भूखा ना मरे किसी को छत के बिना खुले आसमान में ना जीना पड़े। खुशहाली ही खुशहाली हो पूरे देश में। परंतु अफसोस की बात यह है कि जिन युवाओं के कंधे पर देश का भविष्य है वही सियासत की गंदगी को दूर करने के बजाए सियासत को गंदी बता रहे हैं।
 मैं इतना कहूंगा कि आप जैसे युवा लोग जो यह जानते हैं की सियासत गंदी हो गई है या राजनीति गंदी चीज है जब तक सियासत में नहीं आ जाते तब तक सियासत की गंदगी दूर भी नहीं होगी। ऐसी अवस्था में कुछ ऐसे युवा भी हैं जो घात लगाए बैठे हैं।  जिनका उद्देश्य सियासत को और भी गंदा करना है।
 जिन्होंने स्कूल में भी गुंडागर्दी की और राजनीति में आकर घोटाला करते हैं। तो कृपा करके यह युवा जो सियासत को गंदा समझते हैं वह स्वयं सियासत में आए और बड़े स्तर पर सफाई अभियान शुरु करें। ताकि परिवर्तन के इस दौर में सियासत भी साफ सुथरा हो जाए।
 अंत में मैं बस इतना ही कहूंगा कि भारत के अच्छे लोग राजनीति के प्रति सम्मान का भाव रखें और ज्यादा से ज्यादा राजनीति में शामिल हों। वास्तव में राजनीति गंदी चीज है का जुमला अच्छे लोगों को राजनीति से दूर रखने के लिए गंदे लोगों द्वारा प्रसारित किया गया है। ताकि गंदे लोग अच्छे लोगों को राजनीति से दूर रख कर मनमानी कर सके।
 किंतु ताज्जुब की बात यह है कि आजकल अच्छे लोगों द्वारा ही इस प्रचार को समाज में आगे बढ़ाया जा रहा है। जिसके कारण यह बात और भी फैलती जा रही है कि राजनीति गंदी चीज होती है। फिलहाल देश के अच्छे लोगों को मिलकर इस साजिश को बेनकाब करना होगा। देश को इन गंदे लोगों के साजिश का शिकार बनते रहने से बचाना होगा। समाज और देश का ठेका इन्हीं गंदे लोगों के हाथों में रहे अब ऐसा नहीं चलेगा। अब और अधिक नहीं !अच्छे लोगों को राजनीति में आना ही होगा।
 मैं तो अच्छे लोगों से निवेदन करता हूं कि आप राजनीति में आइए और राजनीति जैसी चुनौतीपूर्ण कार्य को हाथ में लेकर यह सिद्ध कीजिए कि गंदे लोगों ने जितना देश को नुकसान पहुंचाया है आप अपने प्रयासों से उससे कहीं ज्यादा देश को फायदा पहुंचाएंगे। गौर से देखा जाए तो भारतीय राजनीति में हमेशा ही अच्छे लोगों की कमी रही है किंतु इस कमी को अच्छे लोग पूरा करें तो देश स्वर्ग बनेगा । जय हिंद !

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