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How is the development of Bhojpuri language and its status in Hindi

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How is the development of Bhojpuri language and its status in Hindi

development of Bhojpuri language

How is the development of Bhojpuri language and its status in Hindi

भोजपुरी भाषा जिस प्रकार से जन प्रतिनिधित्व करती है उस प्रकार से इसे यदि श्रेणी अनुसार स्थान दिया जाए तो हिंदी के बाद सबसे ज्यादा लोगों द्वारा प्रयोग की जाने वाली भाषा भोजपुरी ही है । भोजपुरी बिहार, झारखंड, सीमावर्ती नेपाल और पूर्वी यूपी की मुख्य भाषा है। हालांकि यह क्षेत्र हिंदी भाषी क्षेत्र है परंतु आम जिंदगी में भोजपुरी ही प्रयोग की जाती है। बिल्कुल वैसे ही जैसे मैं घर पर तो भोजपुरी में ही बातचीत करता हूं पर भोजपुरी विषय पर ब्लॉग हिंदी में प्रस्तुत कर रहा हूं । क्योंकि भोजपुरी हिंदी की सहयोगी भाषा है । अतः दोनों भाषाओं को किसी एक दूसरे की वजह से कोई हानि नहीं हुई है। अपितु दोनों का विकास इन क्षेत्रों में दिन दूनी रात चौगुनी हुई है।

development of Bhojpuri language and its status in Hindi

आप जाइए कभी उन क्षेत्रों में जहां भोजपुरी बोली जाती है लोग जितनी भोजपुरी जानते हैं उतना ही हिंदी भी जानते हैं । आप फर्क ही नहीं कर पाएंगे कि यह क्षेत्र भोजपुरी क्षेत्र है या की हिंदी का क्षेत्र है । हम इन क्षेत्रों को हिंदी भोजपुरी दोनों जुड़वा बहनों का क्षेत्र भी कह सकते हैं , क्योंकि यहां दोनों को ही समान महत्व प्राप्त है ।

परंतु बात यदि भोजपुरी की हो तो सबको यह विदित होना चाहिए कि भोजपुरी भाषा के साथ हमेशा से ही सौतेला व्यवहार होता रहा है। तमाम भोजपुरिया समाज की कोशिशों के बावजूद सरकार द्वारा इस भाषा के साथ सौतेला व्यवहार होता रहा है । कितनी कोशिशें हुई परंतु आज तक इसे संवैधानिक भाषा का दर्जा नहीं प्राप्त हो सका । नेताओं ने वादा तो किया पर चुनाव खत्म होते ही भूल गए । अतः भोजपुरी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने का भोजपुरिया समाज का सपना आज भी सपना ही है। यही पता नहीं कि कब यह सपना वास्तविकता में परिवर्तित होगा।

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  खैेर इस बात का मलाल तो है कि इतनी बड़ी भाषा को अब तक आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया है । समय समय पर नेताओं ने आश्वासन तो दिया पर पूरा नहीं किया,  किंतु इस बात का हमें गर्व है कि इतनी अनदेखी करने के बाद भी यह भाषा पल्लवित होती रही है । ( development of Bhojpuri language )आज भोजपुरी भाषा ने देश और विदेश तक कामयाबी के झंडे गाड़ दिए हैं। भोजपुरी भाषा का भोजपुरी भाषी क्षेत्रों में वर्चस्व तो है ही किंतु भारत के जो क्षेत्र भोजपुरी भाषी नहीं है वहां भी आपको सड़क चलते भोजपुरी बोलते लोग मिल ही जाएंगे। इसका श्रेय उन लोगों को जाता है जो घर बार त्याग कर रोजी की तलाश में परदेस जाते हैं । इन्हीं लोगों के योगदान के कारण आज भोजपुरी देश के अन्य क्षेत्रों में भी प्रसिद्ध हो रही है ।

इसमें उन कलाकारों का भी बहुत बहुत योगदान है जिन्होंने भोजपुरी के लिए जीवन खपा दिया । किसी ने नौटंकी के माध्यम से तो किसी ने लोकगीतों के माध्यम से इस भाषा को लोगों के मन मस्तिष्क में जीवित रखा है । वरना एक ऐसी भाषा जो स्कूलों में लिखी पढ़ी ना जाती हो भला कैसे संभाले रख पाती इस समाज में अपने आप को ? अब तो जब से नया दौर शुरू हुआ है और आधुनिक भोजपुरी गीतों और भोजपुरी फिल्मों का चलन आया है तब से अप्रत्याशित विकास हुआ है भोजपुरी भाषा का । वरना भोजपुरी का युवा हिंदी फिल्म और गानों के साथ साथ अंग्रेजी संस्कृति की लहर में खो जाता अपने भोजपुरी भाषा को भूलकर। ( development of Bhojpuri language )
किंतु नए कलाकारों की सराहना तो करनी ही बनती है जिन्होंने भोजपुरी को इस नए दौर में नए मुकाम तक पहुंचाया है ।

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वैसे तो अश्लीलता में भी वृद्धि हुई है जिस पर ध्यान देना जरूरी है । अगर वास्तविकता देखा जाए तो भोजपुरी निरंतर आगे बढ़ रही है । आठवीं अनुसूची में जगह मिलेगा कि नहीं मिलेगा यह बात की बात है, परंतु भोजपुरी भाषा का जलवा लोगों के दिलों में पहले से कहीं जाते वर्चस्व के साथ कायम है यह अपने आप में बड़ी बात है । ( development of Bhojpuri language ) भोजपुरी ने अपने आपको समाज में साबित किया है इसकी सराहना होनी चाहिए। मैं देख रहा हूं जैसे जैसे संगीत और फिल्म इंडस्ट्री का विकास हो रहा है वैसे वैसे यह भाषा और उन्नति करेगी। मुझे भोजपुरी भाषा के आगे का मार्ग उज्जवल और साफ सुथरा दिखाई दे रहा है । बस भोजपुरिया लोग और भोजपुरिया कलाकारों को लगे रहने की आवश्यकता है । अगर इसी तरह इस भाषा का विकास होता रहा तो उन लोगों की भी आंखें खुलेगी जो लोग इसकी अनदेखी कर रहे हैं ।

भाइयों वह दिन बहुत दूर नहीं है जब इस भाषा को भी आठवीं अनुसूची में जगह मिलेगी । किंतु इसमें साहित्यकारों का भी योगदान अधिक रहेगा , क्योंकि किसी भी भाषा को यदि उसके विपुलता की कसौटी पर आंका जाता है तो सबसे पहले उसके साहित्य भंडार और उसकी गुणवत्ता को देखा जाता है । खैर बहुत से भोजपुरी साहित्यकार साहित्य सेवा में लगे हैं जिनके प्रयासों से भोजपुरी के सम्मान में वृद्धि हुई है। आशा है कि इन सब का प्रयास आने वाले समय में रंग लाएगा । भोजपुरी भाषा सरल है मधुर है यह सदा ही उन्नति करेगी हमारी दुआएं इस भाषा के साथ है।

भोजपुरी भाषा देश विदेश में सबसे तेजी से समृद्ध हो रही भारतीय भाषा है

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चीन कहीं बहुत आगे निकल चुका है भारत से इसलिए तुलना हीनहीं हो सकती

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