भारतीय माता-पिता अपने बच्चों से क्या उम्मीद रखते हैं

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भारतीय माता-पिता अपने बच्चों से क्या उम्मीद रखते हैं

What do indian parents expect from their children

भारतीय माता-पिता अपने बच्चों से क्या उम्मीद रखते हैं :- दुनिया के हर माता-पिता अपने बच्चों से कुछ ना कुछ उम्मीद अवश्य ही रखते हैं । आप भी यदि माता-पिता है तो आप भी अपने बच्चों से कुछ उम्मीद जरूर रखते होंगे । तो यह लेख भी इसी विषय पर आधारित है । यहां पर हम आपको यह बताने जा रहे हैं कि भारतीय माता-पिता अपने बच्चों से क्या उम्मीद रखते हैं । अगर आप भी इस बारे में जानना चाहते हैं तो इस लेख को पूरा पढ़िए ।

( 1 ) बच्चों से बुढ़ापे की लाठी बनने की रखते हैं अपेक्षा :-

भारतीय माता-पिता की बच्चों से सबसे बड़ी उम्मीद होती है कि वे लोग बच्चों से बुढ़ापे की लाठी बनने की उम्मीद रखते हैं । भारत में हर मां बाप अपने पुत्र से ऐसी अपेक्षा रखते हैं ।

( 2 ) बच्चों को स्वतंत्र बड़े नहीं होने देना चाहते :-

भारतीय माता-पिता अपने बच्चों को उनके सोच के दायरे में रहकर स्वतंत्र रूप से बड़े नहीं होने देना चाहते हैं । बच्चों के जीवन के हर पड़ाव पर मां-बाप का दखल तथा उनकी निगरानी जरूर होती है।

( 3 )  संतान उनके पसंद के लड़का लड़की से शादी करें :-

हमारे देश में माता-पिता बच्चों से यह भी उम्मीद रखते हैं कि वह उनके पसंद के जीवन साथी को चुने। आपने भी अपने आसपास यह जरूर महसूस किया होगा कि हर मां बाप अपने संतान की शादी अपने पसंद के ही लड़का लड़की से करना चाहते हैं ।

( 4 ) बच्चों पर अपनी मर्जी थोपते हैं :-

जन्म देने की वजह से बच्चों पर अपनी मर्जी थोपना भी भारतीय माता-पिता अपना अधिकार समझते हैं। यही कारण है कि वे बच्चों के निजी मामलों में भी दखल देते रहते हैं ।

( 5 ) वे चाहते हैं कि बच्चा उनके मर्जी का विषय चुने :-

  भारतीय माता पिता की अपने बच्चों से यह भी अपेक्षा रहती है कि उनका बेटा उनके मर्जी का विषय चुनकर पढ़ाई करें । ऐसे में माता-पिता यह नहीं सोचते हैं कि उनका बालक किस विषय में रुचि रखता है। अगर लड़का मैथ में रुचि रखता है तो माता-पिता उसके रूचि का ख्याल न रखकर किसी दूसरे विषय को पढ़ने पर मजबूर करने लगते हैं ।

ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों पर इतना प्रेशर डाल देते हैं कि वह अपने माता पिता की आज्ञा का पालन करने के अतिरिक्त और कुछ सोच भी नहीं पाता है । यही कारण है कि मनचाहा परिणाम ना मिलने पर बच्चे मायूस हो जाते हैं और आत्महत्या तक कर लेते हैं।

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