आइए जानते हैं भगवान शंकर के बारे में प्रचारित झूठ

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Let us know the propagated lies about Lord Shankar

आइए जानते हैं भगवान शंकर के बारे में प्रचारित झूठ :-   भगवान शिव को हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। वैसे तो इनको संहार का देवता कहा जाता है लेकिन भगवान शिव लय और प्रलय दोनों को ही साथ लेकर चलते है । जब जब धरती पर पाप बढ़ जाता है तो शिव पाप का नाश करते हैं और दुष्टों का संहार करते हैं। लेकिन भगवान शिव बड़े ही दयालु देवता है और सबको समान दृष्टि से देखते हैं इसीलिए इनको महादेव भी कहा जाता है । लेकिन आज अगर देखा जाए तो हमारे समाज में भगवान शिव को लेकर कुछ झूठ प्रचारित हो गया है जिसका प्रभाव हिंदू धर्म पर नकारात्मक पड़ रहा है । तो आइए जान लेते हैं इस झूठ के बारे में ताकि आप भी बच सके इस झूठ को स्वीकार करने से ।

शिवलिंग के बारे में झूठ :-  हिंदू धर्म के लिए बड़ा ही दुख की बात है कि शिवलिंग का अर्थ गलत लगाया जाता है । लोग व्हाट्सएप और फेसबुक पर शिवलिंग का फोटो गलत तरीके से पोस्ट करते रहते हैं तथा इसके बारे में कुतर्क भी देते रहते हैं । तो जो लोग भगवान शिव के बारे में झूठ फैलाते हैं उन्हें अवश्य ही मरने के बाद जवाब देना होगा क्योंकि भगवान शिव का अपमान करके कोई भी व्यक्ति स्वयं को बचा नहीं सकता है । क्योंकि शिव से ही सभी धर्म है और शिव से ही प्रलय हैं । दोस्तों शिवलिंग से अर्थ भगवान शिव के आदि अनादि स्वरूप से है । अनंत ब्रह्मांड और निराकार परम पुरुष का प्रतीक होने के कारण ही इसे लिंग कहा गया है । जिस प्रकार से विष्णु भगवान के प्रतीक चिन्ह को शालिग्राम कहा जाता है वैसे ही भगवान शिव के प्रतीक चिन्ह को शिवलिंग कहा जाता है । शिवलिंग के पिंड की आकृति हमारे आत्मा की ज्योति की तरह होती है । ब्रह्मांड में घूम रही आकाशगंगा की आकृति जैसी है ठीक वैसे ही शिवलिंग की आकृति भी है ।
 हालांकि कुछ लोग शिवलिंग को योनि अंगों के रूप में ले लेते हैं जो कि सर्वथा गलत तथा झूठ है। ऐसे लोग भ्रम का शिकार है और इन्हीं लोगों के चलते शिवलिंग को यौन अंग के रूप में पूजने का प्रचलन बढ़ रहा है जो कि धर्म के विपरीत है। दरअसल हमें चाहिए कि हम अपने धर्म के सही अर्थों को समझें तथा अपने धर्म का सही तरीके से पालन करें अन्यथा अन्य धर्म के लोग हमारे धर्म पर उंगली उठाना शुरू कर देंगे ।
 
 भांग और गांजा पीते हैं भगवान शंकर यह है बड़ा झूठ :- भगवान शंकर के बारे में यह भी कहा जाता है कि वे गांजा और भांग का सेवन करते हैं जोकि सरासर झूठ है । बहुत से लोग तो गांजा भांग पीते हुए भगवान शंकर के चित्र बनाकर धड़ल्ले से बाजार में बेच रहे हैं जिसमें भगवान शिव चिलम पीते नजर आते हैं । लेकिन हम आपको यहां पर बता देना चाहेंगे कि यह दोनों ही कृत्य भगवान शंकर के अपमान करने के समान है । यह भगवान शंकर की छवि खराब करने जैसा है ।
हमारे समाज में तो भगवान शंकर के ऊपर बहुत सारे ऐसे गीत गाने बन चुके हैं जिसमें उनके भांग के सेवन करने का उल्लेख भी किया गया है। यह बड़ा ही गलत है ऐसे गीतकार या गायक यह जानने की थोड़ी भी कोशिश नहीं करते कि भगवान शंकर के बारे में क्या सच है और क्या गलत और उनके ऊपर गलत गाने बना देते हैं । अतः बिना किसी आधार के किसी भी गाने में भगवान शंकर का उल्लेख नहीं होना चाहिए।
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मेरा नाम "संजय कुमार मौर्य " है और मैं देवरिया ( यूपी ) का रहने वाला हूं । मैं एक प्रोफेशनल ब्लॉगर, लेखक, कवि और कथाकार हूं । मैं हिंदी साहित्य में रुचि रखता हूं और हमेशा कविताओं और कहानियों का सृजन करता रहता हूं। इसके अलावा भी हमारे पास बहुत सारी चीजों की जानकारियां है जिसे मैं इस ब्लॉग के माध्यम से लोगों तक पहुंचाने की कोशिश करता हूं। दोस्तों हमें अपने ज्ञान को दूसरों के साथ साझा करना बहुत ही अच्छा लगता है अतः इसी उद्देश्य से हमने सन 2018 जनवरी में www.sitehindi.com को शुरू किया, जो कि आज एक सफल वेबसाइट बन चुका है और निरंतर वेब की दुनिया में उचाईयों की ओर बढ़ रहा है । इसके अलावा मेरा उद्देश्य अपने राष्ट्रभाषा हिंदी की सेवा करना है और इसे जन-जन तक पहुंचाना भी है । अगर मैं अपने इस उद्देश्य में सफल होता हूं तो मैं स्वयं को भाग्यशाली समझूंगा। आप भी हमारे इस ब्लॉग को पढ़े और हमारे इस उद्देश्य को पूरा करने में हमारी सहायता करें । धन्यवाद !

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