दरिद्रता क्या होता है दरिद्रता की परिभाषा 

0
91

दरिद्रता क्या होता है दरिद्रता की परिभाषा :-

दरिद्रता क्या होता है दरिद्रता की परिभाषा 
दरिद्रता क्या होता है दरिद्रता की परिभाषा :- नमस्कार मित्रों हमारे ब्लॉग पर आपका स्वागत है । मित्रों देखा जाए तो हर चीज को परिभाषित किया जा सकता है। ठीक ऐसे ही दरिद्रता को भी परिभाषित किया जा सकता है।  तो जहां पर हम आप सब को यह बताएंगे कि दरिद्रता किसे कहते हैं, कौन लोग हैं दरिद्र होते हैं तथा दरिद्रता की परिभाषा क्या होती है? तो अगर आप भी इस बारे में जानना चाहते हैं तो यह लेख पूरा पढ़िए आपको उत्तर मिल जाएगा। चलिए बिना किसी देरी से हम सब जान लेते हैं कि दरिद्रता किसे कहते हैं ।
दरिद्रता क्या होता है दरिद्रता की परिभाषा
( 1 ) जिन लोगों के चेहरे पर तेज की कमी होती है वे लोग दरिद्र होते हैं। दरअसल गरीब लोगों का चेहरा मुरझाया हुआ होता है तथा तेज हीन होता है । अतः आप इस खासियत को किसी व्यक्ति में देखकर यह पता लगा सकते हैं कि वह दरिद्र है ।
( 2 ) जो व्यक्ति दरिद्र होता है उसका पेट और पीठ एक होता है । पर्याप्त भोजन ना मिलने की वजह से दरिद्र व्यक्ति का पेट और पीठ एक होना सामान्य है और इस आधार पर भी आप यह पता लगा सकते हैं कि व्यक्ति दरिद्र हैं ।
( 3 ) बहुत ज्यादा प्रयत्न करने के बाद भी दिन में एक वक्त का भोजन ही मिल पाना दरिद्रता की निशानी होती है।
 ( 4 ) खाने की इच्छा नहीं करना तथा बहुत गंदे वस्त्र धारण करना जिन व्यक्तियों की खासियत होती है उनको लक्ष्मी जल्दी छोड़ देती है और उनके यहां दरिद्रता आ जाती है ऐसा हमारे ग्रंथों में बताया गया है।
 ( 5 ) गोधूलि बेला में सोने वाला व्यक्ति भी दरिद्र की श्रेणी में आता है । अतः कभी भी गोधूलि बेला में सोना नहीं चाहिए। यह समय दीया बाती का होता है। इसके साथ साथ हमेशा अंधेरा रखने वाला भी इसी श्रेणी में आता है । जो लोग अपने घरों में हमेशा अंधेरा रखते हैं वे लोग भी दरिद्र की श्रेणी में आते हैं।
 ( 6 ) हर समय दूसरों से कुछ न कुछ मांगते रहने वाला व्यक्ति भी दरिद्र होता है अतः कभी भी दूसरों से कुछ न कुछ मांगना नहीं चाहिए क्योंकि यह आदत दरिद्रता को परिभाषित करता है।