Mahboob ki shayari in hindi महबूब की शायरी

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Mahboob ki shayari in hindi महबूब की शायरी
Mahboob ki shayari in hindi महबूब की शायरी
हर बात को अगर सलीके से कहा जाए तो वह शायरी बन जाती है । लेकिन दुनिया में हर लोग हर बात को सलीके से नहीं कह पाते हैं इसलिए उन्हें शायर नहीं कहा जा सकता । लेकिन जो लोग अपनी बात लयबद्ध तरीके से कहना जानते हैं दुनिया में वह शायर के नाम से जाने जाते हैं । खैर जो भी हो लेकिन शायरी तो सबको पसंद आती है । जो लोग शायरी पसंद नहीं करते हैं वह लोग भी एक उम्र में आकर शायरी पसंद करने लगते हैं। जब बच्चे जवान होते हैं तो ग्रीटिंग कार्ड्स और खत दोनों में ही शायरी का इस्तेमाल करते हैं । हालांकि आजकल मोबाइल से ही मैसेज एक दूसरे को भेज दिया जाता है लेकिन इसमें भी शायरी का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है । यह कहा जा सकता है कि माध्यम चाहे कोई भी हो मगर शायरी तो चलती रहेगी । शायरी कल भी थी आज भी है और आने वाले कल में भी रहेगी। तो इस दृष्टिकोण से शायरी की दुनिया हमेशा आबाद थी और है तथा रहेगी। तो इसी को देखते हुए हम यहां पर आप सबके लिए लेकर आए हैं महबूब की शायरी Mahboob ki shayari in hindi जिसे आप पढ़कर आनंद उठा सकते हैं । तो हमारे इस पोस्ट महबूब की शायरी Mahboob ki shayari in hindi को शुरू से लेकर अंत तक पढ़िए आपको यहां पर अच्छी-अच्छी शायरी पढ़ने को मिलेगी धन्यवाद।
Mahboob ki shayari in hindi महबूब की शायरी
(1)
 गुस्सा है देख ले तेरी मुस्कुराहट ने मार डाला
बिजलीयो का गम नहीं फूलों ने मार डाला।
( 2 )
दिखावटी मोहब्बत है बनावटी सब बातें
 गम के हिज़्र में नजर आती है काली सब बातें।
( 3 )
तुमको भूले नहीं  और न ही कोई बात कभी
 बगैर याद किए न कट सकी तुझको रात कभी ।
(4 )
नादान हो भोली हो क्या करोगी दिल लेकर
अभी खो दोगी कभी न लेना जवान बनकर।
(5 )
बदनाम हो अभी से जुबान चलती है तलवारों की तरह
हमारी शराफत है जो चुप है हम गुनहगारों की तरह।
( 6 )
तुम क्या जानो पीना पिलाना कैसे पिलाई जाती है
 बाद में खोलता है काई  बोतल पहले हीलाई जाती है।
( 7 )
दिलों पर करती राज मगर लश्कर नहीं रखती
हजारों को करती घायल मगर खबर नहीं रखती।
( 8 )
शराब तो क्या तेरे लिए जहर भी पी सकती हूं
अरमान मेरे दिल के मर जाए तो भी जी सकती हूं।
( 9 )
पीने में क्या है रखा तु नहीं हमारा
ये दिल को तेरे सहारा फिर भी तू हमारा।
(10 )
Mahboob ki shayari in hindi महबूब की शायरी
पीता हूं इसलिए कि मेरा गम दूर हो जाए
 बर्बाद हो गए तो क्या मेरा दिल तो जल जाए।
(11)
कौन कहता है इसे यह तो दवा है गम दिल की
 जो भुला दे खुद को क्या बात है मुश्किल की।
(12)
 बेखूदी जब छाने लगती है तो घुटकर गम पिती हूँ
जब याद आती है तुम्हारी दो जख्मी जिगर पीती हूं।
( 13)
 ले लो वापस अपना बोसा तकरार किसलिए
 क्या छीना जो गिनते हैं जागीर किसलिए।
( 14 )
दिल नहीं काबु जो प्यार करने दीजिए
 बोसा तभी लिया था लीजिए अब इनकार रहने दीजिए ।
(15 )
खुदा तेरी जिंदगी आबाद रखे
दुनिया में आपको आबाद रखे ।
(16 )
तुम्हारी हर अदा निराली  है
तुम्हारी हर चीज निराली है।
(17 )
तुम मुझे भुला ना देना
 प्यार करके छोड़ ना देना।
(18)
यह जुल्फ और ना लहरा यह उड़ जाएंगे
तेरे मेरे प्यार में ये बंध जाएंगे।
(19 )
संभल कर बैठ ये दिल मेरे सरताज आ रहे हैं
हाथों से दबाए दिल की आज आ रहे हैं ।
(20 )
Mahboob ki shayari in hindi महबूब की शायरी
जख्मी हुआ है दिल इसलिए हाथों से दबाया हैं
 आपसे प्यार करके हमने यह रोग लगाया है।
(21)
आपकी इन्हीं अदाओं पे प्यार आता है
तुम कहते हो कि हमें और आता ही क्या है।
( 22 )
अब हमें किससे क्या वास्ता यह तो हुआ आपका
घायल करो या मरहम लगाओ अब यह काम आपका।
(23 )
महबूब के दर्द को सवार लिया जाता है
दर्द को दूसरों से उधार लिया जाता है ।
(24 )
दर्द दिल पर बादल सा छा जाता है
 महबूब अपना हो तो उसे प्यार किया जाता है।
( 25 )
हाथों में कड़े छल्ले मेरे कानों में बालियां
हमें साली समझ कर आप देते हैं गालियां ।
(26 )
गीली बाल छत पे सुखाने ना लगना
बिजलियां पड़ोसियों पे गिराने न लगना।
( 27)
 महबूब हर जगह है आशिक कहीं नहीं
 तुम जैसी सैकड़ों है तुम जैसा कहीं नहीं।
( 28)
 संचित करो न बहुत मोहब्बत जवानी पर
यह घमंड अच्छा नहीं ब्राइटनेस जवानी पर।
( 29 )
दिल चाहता है की सीने से लगा लूं तुझको
इश्क कहता है की आंखों में छुपा लूं तुझको।
(30 )
आंख से आंख मिलती है दो से एक बनकर
 हम आपसे मिलेंगे गले का हार बनकर।
Mahboob ki shayari in hindi महबूब की शायरी
(31)
सांझ ढले खिड़की तले तुम सिटी बजाना छोड़
 दौड़ कर हसीनों की गली के चक्कर लगाना छोड़ दो।
( 32 )
बालों में गजरा पीठ पर चोटी लटकाती हो
 चाल नागीन सी चल कर तुम मुझे बहकाती हो ।
(33)
ठंडी आहे भरकर आप आंख ना मारिए
मुखड़ा विकट विकट बनाके आप डाका न डालिए।
(34 )
तनहाई में जब याद आपकी कभी आती है
 तबीयत हमारी आपकी फोटो से बहल जाती है।
(35)
गिर पड़े दिल पे बिजली आप जिधर जाए
राहगीरों को जलाते हुए आग लगाते हुए आए।
(36 )
लिपट जाती जरूर अगर जमाने का डर ना रहता
 बसा लेती मैं आपको अगर सीने में घर होता।
(37 )
बाहों में भरले तुमको अब अरमान यही है
आगोश में बैठी रही तो मजा मेरी जान यही है।
(38 )
कांधे पे रख के सर मेरे सीने से लग जाओ
ये प्यार की घड़ियां है मनभर को सो जाओ।
(39 )
इन आंखों की नींद उड़ा डाली है आपने
गैरों से प्यार की बातें सबसे बता डाली है आपने।
Mahboob ki shayari in hindi महबूब की शायरी
(40 )
बालों का आवारा लट जब गालों को चूमती है
अंधेरे से उजाला का मिलन देख जमी झूमती है।
(41)
चांद सा मुखड़ा दिखाकर मुंह छुपाना छोड़ दो
लगाकर दिल हटा लेना यह जुल्म जान छोड़ दो।
( 42)
 मेरे इश्क की मंजिल बता दो मुझे
 मैं भी तो इन रहों में चलकर देखूं जरा।
( 43)
 इश्क में पहला कदम कांटो से उलझना है
इस मंजिल में हजारों इल्जाम से उलझना है।
( 44 )
खबर न थी यू जालिम नजर मुझ पर डाली जाएगी
 जब  मैं नजर मिलने दूंगा तो हटा ली जाएगी।
(45 )
तूने मेरी आबरू बदनाम कर दी
बाप दादू की इज्जत  खाक कर दी।
(46)
ये मेरे दोस्तों मेरा कहना मान लो
प्यार करने से पहले हंसी को पहचान लो।
Mahboob ki shayari in hindi महबूब की शायरी
(47 )
ना मिला पता तो दीवाने मचल कहीं जाएंगे
 तेरे प्यार के लिए दीवाने तरस ही जाएंगे।
(48 )
गोल गाल बहुत मिली, गालों पर काले तिल नहीं मिली।
जो मेरे दिल को दिल समझे कहीं वो दिल नहीं मिली ।
(49 )
जानम  मैं बेवफा नहीं हूं ,
आप मेरे मजबूरी नहीं समझे
प्यार करने में आप मेरे कमजोरी नहीं समझे।

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