Sad shayari in hindi dard bhari shayari hindi mein दर्द भरी शायरी

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 Sad shayari in hindi dard bhari shayari hindi mein 

Sad shayari in hindi
चाहे खुशी हो चाहे गम मन किसी में भी डूब जाए तो इंसान को शायरी की ओर मोड़ देती है जो लोग ज्यादा गमगीन होते हैं यह लोग अधिकतर दर्द भरी शायरी पसंद करते हैं खासकर दिल टूट जाने के बाद लोग दर्द भरी शायरी Sad shayari in hindi अधिक पसंद करने लगते हैं तो ऐसे ही लोगों के लिए हम लेकर आए हैं दर्द भरी शायरी का कलेक्शन जिसे आप भी पढ़ कर लुत्फ उठा सकते हैं तो अगर आपको भी Sad shayari in hindi दर्द भरी शायरी पसंद है और आप दर्द भरी शायरी कहते हैं और सुनते भी हैं तो आपको यहां लेख जरूर पढ़ना चाहिए क्योंकि जह पर हम बहुत ही अच्छे अच्छे दर्द भरी शायरी Sad shayari in hindi प्रस्तुत करने जा रहे हैं तो चलिए बिना किसी देरी के सिलसिला शुरू ही कर देते हैं।

Sad shayari in hindi dard bhari shayari hindi mein 

( 1 )

जो दुनिया में है तुझे सबसे ज्यादा अजीज
चाहे कोसों दूर ही रहते हैं दिल के करीब ।
( 2 )
दिल की चादर पे जख्मों के फूल बिछाए हैं
तेरी मोहब्बत में हमने ये तोहफे पाए हैं ।
( 3 )
हसती चांदनी बहारों का सितारों का क्या करूं
तू ही नहीं तो इन नजारों का क्या करूं ।
( 4 )
ठुकराया फिर भी खुदा से  करते हैं दुआ
जिए हजारों साल मेरी चांद सी महबूबा।
 ( 5 )
इस शराब का नशा दो-चार दिन तक रहेगा
जब उतरेगा तो कोई तेरा दीवाना ना रहेगा ।
( 6 )
इस दिल में खुशी का फूल खिल जाएगा
तू एक नजर देख लेगा तो तेरा क्या जाएगा ।
( 7 )
शाम के बढ़ते हुए उदास खामोश साए
ऐसे में तेरी याद कैसे ना आए।
 ( 8 )
दिल से लहू आंखें निचोड़े हैं
सब वायदे बेवफा ने अधूरा छोड़े हैं ।
( 9 )
इतनी पीला साथिया कोई अफसोस ना रहे
बेहोश ही रहू मुझे होश ना रहे ।
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Sad shayari in hindi
( 10 )
मेरे प्रीतम साथिया कोई अफसोस का दाग है
बोया कमल के फूल पर रोशन चिराग है।
( 11 )
पहले जब तुमको देखा न जाने क्या कोई आई मन में
जीवन क्यारी ऐसी महकी जैस फूल खिले बन में ।
( 12 )
इश्क में आंसुओं के तार गले के हार होते हैं
उन्हें कब चैन आता है जो इश्क के बीमार होते हैं।
 ( 13 )
ए इश्क तूने मुझको गिराया है चाह में
सब्र करार छीन लिया बस एक निगाह में।
 ( 14 )
जिंदगी को गर जीना है जीने वालों
कभी मोहब्बत न करना आलस में रहने वालों ।
( 15 )
मेरी मौत की अब तलक उन्हें खबर ना पहुंची
या मेरी लाश से भी उन्हें नफरत तो नहीं है ।
( 16 )
गर दुनिया में है इक चीज तो ओ प्यार है
टूटे हुए दिलों को ढूंढो तो ओ भी हजार  हैं ।
( 17 )
अब ना जाने दूंगा उन्हें थाम लूंगा उनका आंचल
सामने उनको बिठाकर रोक दूंगा दिल की हलचल ।
( 18 )
हमें अदा से ना देखो कहीं मदहोश ना हो जाए
पानी में ना उतरो कहीं आग पानी में ना लग जाए ।
( 19 )
इश्क में आंसुओं के तार गले के हार होते हैं
उन्हें कब चैन आता है जो इश्क के बीमार होते हैं ।
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( 20 )
ए इश्क तूने मुझको गिराया है चाह मे
सब्र करार छीन लिया बस एक निगाह में ।
( 21 )
जिंदगी को गर जीना है जीने वालो
कभी मोहब्बत न करना आलस में रहने वालों।
 ( 22 )
मेरी मौत की अब तलक उन्हें खबर न पहुंची
या मेरी तरह लाश से भी उन्हें नफरत तो नहीं है ।
( 23  )
गर दुनिया में है एक चीज को ओ प्यार है
टूटे हुए दिलों को ढूंढो तो ओ  भी हजार हैं ।
( 24 )
अब ना जाने दूंगा उन्हें थाम लूंगा उनका आंचल
सामने उनको बिठाकर रोक दूंगा दिल की हलचल ।
( 25 )
इस अदा से ना देखो कहीं मदहोश ना हो जाये
पानी में ना उतरो कहीं आग पानी में ना लग जाये ।
( 26 )
लिख कर हथेली पर नाम हमारा मिटा दिया
आपका तो खेल ठहरा हमें खाक में मिला दिया।
 ( 27 )
आज जी भरकर देखने दो तुम मुझे
कितनी मुददत्त से देखा है आज तुम्हें ।
( 28 )
शामिल है इसमें तेरी नजर के सुरूर भी
पीने न दूंगा गैर को मैं अपने जाम से ।
( 29 )
नजर मिला न सके हमसे वो तो क्या गम है
उनके दिल से दिल के धड़कने का सिलसिला तो मिला।
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( 30 )
दुनिया में फिर तो काम के काबिल नहीं रहा
जिस दिल को तुमने देख लिया दिल नहीं रहा।
 ( 31 )
मौत ही इंसान की दुश्मन नहीं
जिंदगी भी जान लेकर आएगी ।
( 32 )
ये उदास उदास चेहरे से हंसी हंसी तबस्सुम
तेरी अंजुमन में शायद कोई आईना नहीं है ।
( 33 )
थकी थकी सी फिजाएं बुझे बुझे हो
बड़ी उदास घड़ी है जरा ठहर जाओ ।
( 34 )
तेरी महफिल से उठाता गैर मुझको क्या मजाल
मैंने देखा था कि तूने भी इशारा कर दीया।
 ( 35 )
सारी दुनिया कह रही है तेरा दीवाना मुझे
क्या कयामत है कि तूने ही न पहचाना मुझे ।
( 36 )
जब भी आता है मेरा नाम तेरे नाम के साथ
जाने क्यों लोग मेरे नाम से जल जाते हैं।
 ( 37 )
हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं  बदनाम
वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होती  ।
( 38 )
लाऊंगा मैं कहां से जुदाई का हौसला
क्यों इस कदर करीब मेरे आ रहे हो तुम।
 ( 39 )
बेरुखी इससे बड़ी और भला क्या होगी
एक मुद्दत से हमें उसने सताए भी नहीं ।
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( 40 )
तुम्हारी दोस्ती को देख कर सब  रश्क करते हैं
जो बस चलता तो दुनिया से छीन लेते जिंदगी तेरी।
 ( 41 )
अच्छे इंसा हो मरीजों का रकाल अच्छा है
हम मरे जाते हैं तुम कहते हो हाल अच्छा है ।
( 42 )
जाओ भी आज न दो मुझे झूठी तसल्ली
आ मर जाएंगे तड़प के तुम्हारे बला से हम।
 ( 43 )
जो कहा मैंने कि प्यार आता है मुझको तुम पर
हंसकर कहने लगे और आपको आता क्या है ।
( 44 )
इस तरह से मुझे बर्बाद किया है उसने की
शाम कुछ भी नहीं और कुछ भी नहीं ।
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( 45 )
मैंने मुद्दतों जिया हूं किसी दोस्त के बगैर
अब तुम भी साथ छोड़ने को कह रहे हो खैर।
 ( 46 )
 तमाम उम्र तेरा इंतजार कर लेंगे
मगर रंज रहेगा कि जिंदगी कम है।
 ( 47 )
तुम ना आओगे तो मरने की है सौ तदबीरें
अभी कुछ बेकरारी है सितारों तुम भी सो जाओ।
 ( 48 )
हम बंद किए आंख तस्वीर में पड़े हैं
ऐसे में कोई छम से आ जाए तो क्या हो ।
( 49 )
ऐ मौसम सुहाना फिजा भीगी भीगी
बड़ा लुत्फ़ आता अगर तुम भी होते।
( 50 )
ये आधी रात को उनका पैगाम आया है
हम आज आ नहीं सकते इंतजार न करें।

( 51)

उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो

 न जाने किस गली में जिंदगी की शाम हो जाए ।
( 52 )
अब के बिछड़े तो शायद कभी ख्वाबों में मिले
जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिले ।
 (53 )
याद आया यहां आने का वादा उन्हें कब
रात को पांव में मेहंदी लगा चुके हो जब।
 ( 54 )
वो फिर वादा मिलने का करते हैं
 यानी अभी कुछ दिनों हमको जीना पड़ेगा।
 ( 55 )
दीवाना कहके तुमने पुकारा जो नाज
दीवाना आज फिर दीवाना हो गया ।
( 56 )
हम फिर उनके रूठ जाने पर फिदा होने लगे
 फिर हमें प्यार आ गया जब वो खफा होने लगे।
 ( 57)
 जरा जरा  अभी शौक है दिलरुबाई का
नया-नया अभी शौक है दिलरुबाई का।
 ( 58 )
मिलने का वादा उनके मुंह से निकल गया
पूछी जगह जब मैंने तो बोला कि ख्वाब में ।
( 59)
 मेहरबा होके बुला लो मुझे चाहे जिस वक्त
 मैं गया वक्त नहीं हूं की फिर आ भी न सकूं ।
( 60 )
मैं अपना दर्द कहता हूं ओ मुंह फेर लेते हैं
खुदा बंदा कैसे दर्दे दिल के कटवा आए है ।
( 61 )
कोई हद ही नहीं शायद मोहब्बत के फंसाने की
सुनाता जा रहा है जिसको जितना याद होता है।
( 62 )
आए जो मेरे पास तो मुंह फेर के बैठे
 यह आज नया आपने दस्तूर निकाला।
( 63 )
हवा के साथ सौ  सौ खा गए बल
नजाकत देखिए उनकी कमर की।
( 64 )
पूछा जो उनसे चांद निकलता है किस तरह
जुल्फों को रुख पे डाल के झटका दिया कि इस तरह।
( 65 )
कितने अनजान है क्या सादगी से पूछते हैं
कहिए क्या मेरी किसी बात पे रोना आया
( 66 )
ले लिया जो बोसा मैंने बंदा परवर क्या हुआ
प्यार में लब रख दिए प्यारे लंबो पर क्या हुआ ।
( 67)
अजब आरजू है अनोखी तलब है
  तुझी से तुझे मांगना चाहता हूं ।
( 68 )
एक आरजू है अनोखी तलब है
तुझी से तुझे मांगना चाहता हूं ।
( 69 )
शक उनको था की रात में बोसा ना ले कोई
गालों पे रख के सोए कलाई तमाम रात सोई।
 ( 70 )
दर्द का मेरे यकी आप करें या न करें
अर्ज इतनी है कि इस राज की चर्चा न करें।
 ( 71)
 तुम जिसको समझते हो की हुस्न तुम्हारा है
मुझको तो वो अपनी ही मोहब्बत नजर आई है।
( 72 )
फरियाद का मजा है लव पे रहेखामोशी
आंखें ये कह रही है फरियाद कर रहे हैं।
 ( 73 )
जो कुछ था भी सब ले ही चुकी थी
एक जान ही बाकी है वा हैं  नजे नजर आज ।
( 74 )
सितारों से पूछो इन आंखों से पूछो
तुम ही रहे है जहां भी रहे हैं।
 ( 75 )
दुनिया से क्या खुदा से भी घबरा के कह दिया
वो मेहरबा नहीं तो कोई मेहरबा नहीं ।
( 76)
 गलतफहमी न हो जाए किसी को मेरी जानिब से
खुदा के वास्ते दीवाना कह दो एक बार अपना।
 ( 77)
 तेरे इश्क की  इंतजा चाहता हूं
 मेरी जिंदगी देख क्या चाहता है ।
( 78 )
भोसा जो तलब मैंने किया हंस के
वो बोले यह हुस्न की दौलत है लुटाई नहीं जाती ।
( 79 )
कोई हद ही नहीं शायद मोहब्बत के फसाने की
सुनाता जा रहा है जिसको जितना याद होता है।
 ( 80 )
जिन जिन को था ए इश्क़ का आजार मर गए
अक्सर हमारे साथ के बीमार मर गए।
 ( 81 )
ये कैसी बेखुदी है लिख गया हूं
 मैं अपने नाम के बदले तेरा नाम।
 ( 82 )
आबादी भी देखी है वीराने भी देखे हैं
 जो उजड़े और फिर न बसे दिल निराली बस्ती है।
 ( 82 )
कातिल का नाम लिख दिया मेरी कब्र पर
लेते हैं राहगीर भी बोसे मजार के ।
 ( 83 )
तोड़कर सीने को मेरे दिल में अपना घर किया
 कौन कहता है की वे तेरी नजर नहीं।
 ( 84)
 मैं क्या कहूं कहां हे मोहब्बत कहां नहीं
रग रग में दौड़ती फिरती है दस्तर लिए हुए ।
( 85)
 फेक दूं दिल को अभी चीर के पहले अपना
तुझ पे काबू नहीं दिल पर तो है काबू  अपना।
 ( 86 )
क्या जानिए कमबख्त ने क्या हम पे किया
 शहर जो बात न थी मानने की मान गए हम।
 ( 87 )
दिल टूटने से थोड़ी सी तकलीफ तो हुई
लेकिन तमाम उम्र को आराम हो गया ।
( 88 )
पिछले पहर के चांद सितारों से पूछ लो
क्या क्या न दुख दिए हैं उसके इंतजार ने ।
( 89)
 न मरते हैं न नींद आती है न वो सूरत बीसरती है
 ये जीते जागते हम पर सब कयामत गुजरती है।
 ( 90 )
तड़प तड़प के गुजरी तमाम रात
सुबह हुई तो सितारों ने साथ छोड़ दिया ।
( 91 )
तुम पास ही नहीं तो मजा जिंदगी का क्या
 जीता नहीं हूं सास लिए जा रहा हूँ मैं।
( 92)
 ओ क्या रात की नींद भी आंखों से ले गए
 यानी कि ख्वाब में भी न जाए तमाम रात ।
( 93 )
लाऊंगी मैं कहां से जुदाई का हौसला
क्यों इस कदर करीब मेरे आ रहे हो ।
( 94 )
बिछड़ने वाले तुझे देख देख सोचता हूं
 तू फिर मिलेगा तो कितना बदल चुका होगा ।
( 95 )
मालूम थी मुझे तेरी मजबूरियां
मगर तेरे बगैर नींद न आई तमाम रात ।
( 96 )
यू जिंदगी गुजार रहा हूं तेरे बगैर
जैसे कोई गुनाह किए जा रहा हूं मैं ।
( 97)
 ये शमा तुम पे रात ये भारी है जिस तरह
हमने तमाम उम्र गुजारी है इस तरह।
 ( 98)
 मैंने कभी जिद तो नहीं की पर आज सब्र है
 ये इस हाल को न जान की तबीयत उदास है।
 ( 99 )
जरा सी देर हो जाएगी तो क्या होगा
बार बार घड़ी उठाते हो नजर की तरफ।
( 100)
 उड़ी-उड़ी सी रंगत ये खुले खुले से गेसू
 तेरी सुबह कह रही है तेरी रात का फसाना।

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